एक डॉक्टर ने हाल ही में sperm को लेकर एक नई information सामने रखी है. डॉक्टर ने बताया कि जो sperm बॉडी से रिलीज़ नहीं होते उनका क्या होता है.
sperm एक microscopic reproductive cell होता है जो मेल बॉडी बनाती है. इसका सबसे अहम काम होता है female egg को fertilize करना जिससे फिर reproduction होता है.
अब एक simulation बताता है कि अगर sperm बॉडी से रिलीज़ न हो, उनका ejaculation न हो, तो बॉडी फिर उनका क्या करती है.
boys जब टीनएज में पहुंचते हैं (12-13) के बीच तब से sperm का प्रोडक्शन शुरू हो जाता है. ये प्रोसेस लाइफ लॉन्ग चलता रहता है. लेकिन, अब twist ये सामने आया है कि जो हमेशा ये sperm बनते रहते हैं, ये बॉडी में हमेशा स्टोर नहीं रहते हैं.
अगर काफी टाइम तक ejaculation नहीं होता, मतलब अगर ये लंबे समय तक बॉडी से रिलीज़ नहीं होते तो बॉडी पैनिक नहीं करती है.
release न होने पर body में मौजूद sperm का क्या होता है?
sperm बॉडी में कितनी देर ज़िंदा रहता है, ये डिपेंड करता है कि वो आखिर कहां है. सबसे longest lifespan तब होती है जब sperm अपने होम यानी testicles में ही रहता है.
testicles में वो लगभग 2.5 महीने तक सर्वाइव कर सकता है. dr smurf ने अपने यूट्यूब अकाउंट पर simulation में बताया कि ये प्रोसेस कैसे काम करता है.
सबसे पहले sperm testicles में बनता है. उसके बाद वो एक ट्यूब जैसी structure में मूव करता है जिसे epididymis कहते हैं. यहीं पर sperm स्टोर होता है और mature होता है.
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sperm हो जाता है ब्रेक-डाउन
फिर अगर sperm काफी टाइम तक ejaculate नहीं होता तो वो वहां हमेशा के लिए स्टोर नहीं रहता है, बल्कि epididymis की lining (अंदर की लेयर) पुराने sperm को तोड़ना स्टार्ट कर देती है.
मलतब अगर रिलीज़ नहीं हुआ तो उसको बॉडी खुद ही तोड़ना स्टार्ट कर देती है. अब पुराने sperm cells ब्रेक होना शुरू हो जाते हैं. उनके अंदर जो प्रोटीन और nutrients होते हैं, वो वेस्ट नहीं जाते हैं.
अब स्टेप आता है reuse करने का. बॉडी उन nutrients को absorb कर लेती है और उन्हें दूसरे cells बनाने में यूज़ करती है. मतलब बॉडी के पास एक smart recycling सिस्टम है. जिसे आप नीचे देख सकते हैं.
पुराना sperm → ब्रेकडाउन → nutrients absorb → फिर वो ही nutrients नए सेल में यूज़ होते हैं.
इसका मतलब है कि बॉडी खुद ही पुराने sperm को ब्रेकडाउन करके नए बनाने में लग जाती है.
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prostate cancer का डर?
हेल्थलाइन की रिपोर्ट बताती है है कि अगर बॉडी से sperm का ejaculation नहीं होता है तो इससे बॉडी को किसी तरह का कोई हेल्थ रिस्क नहीं होता है. कोई डायरेक्ट हेल्थ रिस्क प्रूव नहीं होता है. लेकिन, रिसर्च में इससे prostate cancer से लिंक मिलते हैं.
Harvard की एक स्टडी में पाया गया है कि जो men महीने में ज़्यादा बार ejaculate करते हैं, उनमें prostate cancer का रिस्क लगभग 31% कम था.
एक और बड़ी स्टडी जोकि करीब 30 हजार men पर, 8 साल तक की गई वो बताती है कि जो लोग महीने में 21 या उससे ज़्यादा बार ejaculate करते थे, उनका prostate cancer रिस्क कम था उन लोगों के comparison में जो सिर्फ 4-7 बार ejaculate करते थे.
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experts को इस बात की वजह 100% पता नहीं लगी है कि ऐसा क्यों होता है. लेकिन, ऐसा माना जा रहा है कि sperm रिलीज़ न होने पर कुछ harmful chemicals बिल्ड-अप हो सकते हैं. बट, ये सिर्फ कैंसर से एक लिंक है. ये थ्योरी properly प्रूव नहीं हुई है.
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