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नेपाल के बालेन शाह अब रैपर से politics में grand entry कर चुके हैं. मेयर से अब उनकी नज़र पीएम की कुर्सी पर है. जनता के बीच उन्हें लेकर जिस तरह का क्रेज़ है, उसे देखकर लग रहा है कि ये सपना जल्द ही reality भी बन सकता है.

balen shah

नेपाल में gen-z ने 2025 में अपनी full power दिखाई. इसी के बाद सरकार भी गिर गई. gen-z प्रोटेस्ट के बाद अब देश में 05 मार्च 2026 को वोटिंग हुई.

ये नेपाल history की दूसरी सबसे important date भी है. पहली 2008 में थी, जब 240 साल पुरानी monarchy was shown the door out. मार्च 2026 इसलिए अहम है क्योंकि इससे कुछ महीने पहले देश का gen-z सड़कों पर निकला, पार्लियामेंट में घुसा और सरकार गिरा दी थी. 

तब नेपाल की पॉलिटिक्स में एक नाम हर जगह ट्रेंड कर रहा था. वो नाम था बालेंद्र शाह aka बालेन शाह. nepal के gen z protest को nearly 6 महीने हो चुके हैं.

ये नाम अभी भी newspapers के front page और x की trending list में है. आखिर कौन हैं बालेन शाह? क्यों कहा जा रहा है कि he might be nepal's next prime minister? 

04 सितंबर 2025 को nepal government ने एक बड़ा announcement किया. उन्होंने सभी social media platforms पर बैन लगा दिया. उनका कहना था कि ये लोग हमारी guidelines फॉलो नहीं कर रहे हैं. न तो इन companies ने नेपाल में अपना ऑफिस खोला, न ही यहां अपना कोई grievance officer appoint किया.

इसी के बाद सरकार के इस फैसले ने kp sharma oli government की पूरी सरकार गिरा दी. नेपाल का gen z अपनी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर गया. बड़े लेवल पर protest हुए. सबको लगा कि social media बैन करने पर बच्चे बिलबिला रहे हैं. लेकिन, मामला कुछ और था. the youth was done with government's corruption.

gen-z protest

08 सितंबर को नेपाल की सड़कों पर हुजूम उमड़ गया. 14 से 28 साल की उम्र के लोग प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए पहुंचे. they wanted to overthrow this government. पुलिस ने protestors को कंट्रोल करने के लिए उन पर firing की. उस फ़ायरिंग में करीब 20 protestors मारे गए.

इस instance के बाद ये प्रोटेस्ट violent हो गए. protestors अगले दिन वहां की पार्लियामेंट में घुस गए. pm oli को resign करना पड़ा. नेपाल के gen z ने ऐसा statement deliver किया जिसे पूरी दुनिया देख रही थी. अब सवाल था कि who will lead the nation?

जब बालेन शाह का social media post हुआ viral

इसका जवाब जानने के लिए प्रोटेस्ट से एक शाम पहले rewind करना पड़ेगा. एक facebook post viral होता है. इसे लिखा था काठमांडू के mayor balen shah ने.

बालेन ने लिखा-

“कल की रैली gen z को belong करती है. वो 28 से कम उम्र के हैं. मैं उनका purpose, उनका mindset समझना चाहता हूं. किसी भी political party, लीडर, वर्कर या mp को अपने स्वार्थ के लिए कल की रैली में नहीं जाना चाहिए. अपनी age की वजह से मैं ये रैली attend नहीं कर सकता, लेकिन उन लोगों को मेरा पूरा सपोर्ट है”.

बालेन की इस पोस्ट ने आग का काम किया. वो protestors के लीडर की तरह emerge हुए. हालांकि वो कभी भी इस प्रोटेस्ट में ground पर नहीं उतरे थे. जब ओली ने इस्तीफा दिया, उसके बाद बालेन ने एक और पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, dear gen z your killer has resigned. ओली देश छोड़ चुके थे. everything looked uncertain. protestors ने decide किया कि वो discord के through अपना interim prime minister चुनेंगे.

discord पर लोग वोट करने लगे. बालेन शाह के लिए भी बड़े numbers में वोटिंग हुई. वोटिंग organise करने वालों ने इस सिलसिले में बालेन को फोन मिलाया. लेकिन बालेन बात करने के लिए available नहीं थे. इस वजह से उन्हें इस लिस्ट से हटा दिया गया.

discord पर वोटिंग पूरी हुई और सबसे ज़्यादा votes सुशीला कार्की के नाम के आगे थे. उन्हें ही नेपाल का interim pm बनाया गया. political experts मानते हैं कि बालेन इसलिए interim pm नहीं बने क्योंकि he was looking at the bigger picture. ये बात इस बार के चुनाव में सही होती भी लग रही है.

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balen shah (1)
balen shah Photograph: (@ShahBalen (x))

the rapper, the dissident

बालेन का जन्म नेपाल के political गलियारों से बहुत दूर हुआ था. उनके father काठमांडू में एक ayurvedic practitioner थे. मां एक home-maker थीं. बालेन का childhood काफी normal बीता. इसी उम्र में उन्होंने एक शौक भी पाला, जो अब तक उनके साथ चल रहा है.

बालेन ने छोटी उम्र में ही poetry लिखना शुरू कर दिया था. पिता poems लिखते थे. उनको देखकर बालेन भी लिखने लगे. जब स्कूल खत्म हुआ तो काठमांडू के himalayan whitehouse international college से इंजीनियरिंग की.

बालेन शाह का india connection

उसके बाद structural engineering में masters करने के लिए इंडिया आए. उन्होंने कर्नाटक की visvesvaraya technological university से m.tech किया. यहां तक सब ordinary था, फिर आया उनकी लाइफ का mentos moment. 2013 में उन्होंने career switch कर लिया.

दरअसल, हुआ ये कि raw barz नाम का एक पॉपुलर रैप बैटल शो चलता था. बालेन ने भी इसमें participate किया. सिर्फ participate ही नहीं किया, बल्कि वो जीत भी गए. यहां से confidence मिला कि जो वो कहना चाहते हैं, उसे सुनने के लिए एक ऑडियंस मौजूद है.

बालेन गाने बनाकर अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट करते. जिस देश की 40% population 35 साल से कम उम्र की है, वहां बालेन को ऑडियंस तलाशने में मुश्किल नहीं हुई.

अपने म्यूज़िक में वो culture की बात करते, foreign influence को reject करने की बात करते, government और authority के corruption को call out करते. इन्हीं elements की वजह से उनका म्यूज़िक young audience के साथ क्लिक कर गया.

उनका गाना 'नेपाल हासेको' gen z protests का theme song बना था. उसके अलावा उनका गाना 'बलिदान' भी बहुत पॉपुलर हुआ था. यहां उन्होंने corruption पर बात की थी.

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mayor the nayak

पहले भी बालेन का एक और facebook post वायरल हुआ था. साल था 2017. तब काठमांडू के मेयर के election चल रहे थे.

बालेन ने पोस्ट किया-

“मैं आज वोट नहीं करूंगा. मैं candidate नहीं हूं. मैं structural engineering से मास्टर्स कर रहा हूं लेकिन मुझे पता है कि एक देश को कैसे बनाते हैं. मैं अगले चुनाव में अपने लिए वोट करूंगा. मैं चाहता हूं कि मेरा देश आगे बढ़े और इसके लिए मैं किसी और पर depend नहीं कर सकता”.                        

cut to 2022. mayor का election हुआ. बालेन इस चुनाव में independently खड़े हुए. उनके सामने नेपाली कांग्रेस की सृजना सिंह और cpn-uml पार्टी के केशव स्थापित थे. सृजना सिंह को 38,341 वोट मिले. वहीं केशव स्थापित को 38,117 वोट मिले थे. बालेन ने इस चुनाव का पूरा axis घुमा दिया. उन्होंने 61,767 वोट हासिल किए और जीत गए.

काठमांडू का मेयर बनकर बालेन ने जनता से direct connection establish करने की कोशिश की. ऐसा करने के लिए उन्होंने conventional media का इस्तेमाल नहीं किया. उनकी सोशल मीडिया presence मज़बूत थी. वहां लोग उनसे जुड़ने लगे. इसी दौरान बालेन ने अपना signature style भी डिवेलप कर लिया. वो काले कपड़े पहनते और black squared sunglasses पहनते. बालेन की पॉपुलैरिटी बूस्ट कर रही थी. 

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सीन ऐसा था कि नेपाल में एक वेबसाइट है daraz. वहां पर balen shah sunglasses के नाम से चश्मों का एक कलेक्शन बिकने लगा. जब बालेन को लगा कि pitch firm हो चुकी है, तब उन्होंने क्रीज़ से बाहर निकलकर एक और शॉट खेला.

जनवरी 2026 में उन्होंने मेयर के पोस्ट से resign कर दिया. उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (rsp) जॉइन की. बालेन की नज़र अब प्रधानमंत्री की कुर्सी पर थी. नेपाल की जनता के बीच उन्हें लेकर जिस तरह का क्रेज़ है, उसे देखकर लग रहा है कि ये सपना जल्द ही reality भी बन सकता है. बालेन झापा-5 सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. जल्द ही चुनाव के नतीजे भी declare कर दिए जाएंगे.

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