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us-israel और iran के बीच चल रहे war के बीच कई सवाल ऐसे हैं जो रीडर्स जानना चाहते हैं, जैसे इस war के पीछे की वजहें क्या हैं और इसका क्या असर होने वाला है? इन सारे सवालों के जवाब यहां हैं.

us-iran-israel war

1 मार्च के detailed news bulletin में जानें देश और दुनिया की बड़ी ख़बरें.

  • कांग्रेस की राज्यसभा एमपी सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर indian govt की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली की चुप्पी हैरान करने वाली है, ये neutral नहीं, बल्कि responsibility से पीछे हटना है. 
  • आज साल का पहला total lunar eclipse यानी पूर्ण चंद्र ग्रहण है. according to indian time, दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम के 6 बजकर 47 मिनट तक eclipse रहा.
  • एप्सटीन फाइल्स को लेकर वायरल हॉट टब वाले फोटो पर बोले बिल क्लिंटन, कहा ब्रुनेई ट्रिप की फोटो है और टब में कोई माइनर्स नहीं थे. कहा- फोटोज ली जा रही हैं, नहीं पता था.
  • एपल ने 17 सीरीज का cheapest smartphone 17e launch किया है, ipad air भी लॉन्च हुआ. 11 मार्च से शुरू होगी sale. 
  • us- israel और iran war के बीच uae में फंसे पैसेंजर्स के लिए स्पाइसजेट ने 4 स्पेशल फ्लाइट्स की अनाउंसमेंट की है. ये फ्लाइट्स Fujairah से passengers को delhi, mumbai और kochi लेकर आएंगी. 
    indigo saudi arabia से इंडिया के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स और एयर इंडिया एक्सप्रेस ओमान से इंडिया के बीच 6 स्पेशल फ्लाइट्स चलाएंगे. 
  • us -israel और इरान के इस conflict की वजह से कई टॉप टेनिस प्लेयर्स दुबई में फंस गए हैं. ये सभी वहां दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप खेलने के लिए गए थे. रशियन टेनिस स्टार daniil medevdev भी वहां फंसे हुए हैं. 
  • सुप्रीम कोर्ट ने को एक केस की हियरिंग के दौरान हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार एविडेंट के बेसिस पर डिसीजन लेना गलत है. कोर्ट ने कहा कि ये नॉर्मल मिस्टेक नहीं हो सकती. ये केस 2023 का है जिसमें आंध्र प्रदेश की ट्रायल कोर्ट ने ai से बनी फोटो के बेसिस पर डिसीजन लिया था. 

national:

ईरान-israel और us के बीच war को लेकर सभी के मन में कई सवाल हैं. ऐसे ही कुछ सवाल zingabad की टीम के पास पहुंचे हैं.

सबसे बड़ा सवाल- us-israel ने ईरान पर अटैक क्यों किया है?

इसे लेकर कई सारी theories हैं.. first one is the nuclear red line.

  • us की इंटेलिजेंस reports के अनुसार ईरान nuclear weapons बनाने के बेहद करीब पहुंच गया था. अमेरिका और इजरायल ने हमेशा कहा है कि वो ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं बनने देंगे. अमेरिकी officials का मानना था कि "डिप्लोमेसी" अब काम नहीं कर रही है. us president donald trump का कहना था कि ईरान का nuclear प्रोग्राम दुनिया के लिए सबसे बड़ा 'imminent Threat' बन चुका था. 
  • second is regime change, as per reports and trump's speech, operation epic fury का purpose था सत्ता परिवर्तन. ये अटैक सिर्फ ठिकानों को तबाह करने के लिए नहीं, बल्कि आयतुल्लाह शासन को जड़ से खत्म करने के लिए था. अमेरिका चाहता है कि ईरान की जनता विद्रोह करे और एक 'प्रो-वेस्टर्न' govt आए. आयतुल्लाह खामेनेई की मौत और सैन्य कमांड के सरेंडर की खबरें इस थ्योरी को काफी हद तक सही साबित करती हैं.
  • तीसरी थ्योरी है  "strait of hormuz & global energy control": ईरान ने बार-बार strait of Hormuz को बंद करने की धमकी दी थी, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है. अमेरिका ने पहले ही हमला करके ईरान की navy को paralyzed कर दिया ताकि तेल की सप्लाई पर उसका कंट्रोल खत्म हो सके. अगर तेल की कीमतें 150 डॉलर पहुंच जातीं, तो western countries की economy ढह जाती. ये एक 'pre-emptive strike' थी. 
  • next is "israel’s existential war": इजरायल के लिए ईरान का "proxy network" यानी हिजबुल्लाह, हमास, हूती, एक बड़ा सिरदर्द था. इजरायल ने अमेरिका को राजी किया कि tehran पर control जरूरी है, न कि सिर्फ उसकी proxies से लड़ना.  नेतन्याहू की 'strategic visit' और अमेरिका के साथ मिलकर 'epic fury' लॉन्च करना इसी का हिस्सा है. 
  • और fifth theory है epstein files: 35 लाख pages की फाइल्स ने दुनिया के 'elite' लोगों का नकाब उतार दिया था. ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू को एपस्टीन कांड में arrest किया गया. बिल गेट्स ने 'huge mistake' कहकर माफी मांगी. hillary clinton को भी माफी मांगनी पड़ी, all over the world newspapers में सिर्फ इसी की चर्चा थी.. थ्योरी है कि epstein के मुद्दे को दबाना भी us के ईरान पर इस समय अटैक करने की बड़ी वजह बना.

दूसरा बड़ा सवाल है- uae और दूसरी मिडिल ईस्ट के कंट्रीज पर ईरान ने अटैक क्यों किया और वो ईरान के अटैक का जवाब क्यों नहीं दे रही हैं?

  • तो इसकी पहली वजह है UAE, कतर, बहरीन और कुवैत जैसी कंट्रीज में us military bases हैं. ईरान का कहना है कि वो इन देशों पर नहीं, बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी सेना पर अटैक कर रहा है क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर 'operation epic fury' शुरू किया.
  • दूसरी वजह है कि ईरान चाहता है कि अगर उस पर अटैक हुआ, तो पूरा मिडिल ईस्ट जले. वो इन देशों को डरा रहा है कि अगर इन देशों ने अमेरिका को अपनी जमीन इस्तेमाल करने दी, तो इन्हें भी भुगतना होगा. इससे तेल की सप्लाई रुकेगी और all over the world problems होंगी, जिससे अमेरिका पर war खत्म करने का प्रेशर बढ़ेगा.
  • लेकिन, दुबई और अबू धाबी जैसे शहर पूरी तरह से टूरिज्म और बिजनेस पर टिके हैं. अगर वो ईरान के साथ direct war में involve होते हैं, तो उनकी इकोनॉमी एक दिन में तबाह हो जाएगी. वे नहीं चाहते कि उनकी आलीशान बिल्डिंग्स और एयरपोर्ट्स war zone बनें. इन देशों को डर है कि अगर ईरान govt पूरी तरह गिर गई, तो वहां से लाखों refugees इनके देशों में घुसेंगे और पूरा area unstable हो जाएगा. 
  • middle east countries को यह भी डर है कि अगर ईरान पूरी तरह खत्म हो गया, तो मिडिल ईस्ट में इजरायल इतना powerful हो जाएगा कि उसे कोई रोक नहीं पाएगा. इसलिए वे 'बैलेंस' बनाए रखना चाहते हैं. और यही वजह है कि ये countries अभी सिर्फ अपना बचाव कर रहे हैं. 

तीसरा और सबसे अहम सवाल, इस पूरी सिचुएशन का india पर क्या long term impact पड़ेगा?

  • india अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा crude oil import करता है. अगर strait of hormuz लंबे समय तक बंद रहता है, तो oil prices 120-150 डॉलर per बैरल तक जा सकती हैं. इससे india में पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि logistics महंगी होने से खाने-पीने की हर चीज़ महंगी हो जाएगी. middle class की जेब पर भारी बोझ पड़ेगा.
  • india ने ईरान में चाबहार पोर्ट में करोड़ों डॉलर invest किए हैं ताकि middle एशिया और russia तक business route instc बन सके. अगर ईरान में instability या regime Change होने पर यह प्रोजेक्ट ठप हो गया तो india का अफगानिस्तान और middle एशिया तक पहुंचने का सपना सालों पीछे चला जाएगा.
  • इसके अलावा, g20 में india-middle east-europe economic corridor, imec, का announcement हुआ था. वो सऊदी अरब और यूएई से होकर गुजरता है. now because of war ये पूरा रूट "वॉर ज़ोन" बन गया है. जब तक मिडिल ईस्ट में शांति नहीं होती, तब तक कोई भी इन्वेस्टर या देश इस कॉरिडोर में पैसा लगाने का रिस्क नहीं लेगा. 
  • मिडिल ईस्ट में around 90 lakh indians रहते हैं और काम करते हैं. अगर war फैलती है, तो इंडिया को दुनिया का सबसे बड़ा evacuation मिशन चलाना होगा. साथ ही, ये इंडियन्स जो पैसा इंडिया भेजते हैं, वो इंडिया के फॉरेन एक्सेंज का बड़ा source है. वो रुक सकता है.
  • इंडिया के इजरायल और ईरान, दोनों के साथ अच्छे रिलेशन्स रहे हैं. अमेरिका इंडिया को pressurize करेगा कि वो ईरान के अगेंस्ट खड़ा हो. इंडिया के लिए अपनी 'independent foreign policy' को बनाए रखना बहुत मुश्किल हो जाएगा.

anniversary:

आज 3 मार्च को फादर ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज माने जाने वाले जमशेदजी टाटा का बर्थडे है. वो टाटा ग्रुप के फाउंडर थे और जमशेदपुर शहर को उन्होंने ही establish किया था. इसके अलावा जमशेदजी ने टाटा स्टील, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस bangalore, tata power और ताज महल होटल की नींव भी रखी थी.

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abp news mein entertainment team ka hissa the, uske pehle quint hindi ke sath fact check karne ka punya kaam bhi kar chuke hain. is punya kaam se pehle news 18 mein the. ab zingabad ke sath full vibe set hai. yahan har voh chiz ek sath kar rahe hain jo pehle alag alag jagah par alag alag karte the. video shideo mein bhi dikhte rehte hain.