iran और us-israel के बीच conflict बढ़ता जा रहा है. इस बीच अमेरिका ने अपनी एक मिसाइल का टेस्ट-लॉन्च किया है. us ने अपनी न्यूक्लियर-कैपेबल minuteman iii इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट लॉन्च किया है. इसे “doomsday missile” भी कहा जाता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये काफी ज़्यादा powerful है. minuteman iii ऐसे वॉरहेड्स ले जा सकती है जो हिरोशिमा पर गिराए गए एटम बम से लगभग 20 गुना ज़्यादा ताकतवर होते हैं.
3 मार्च की रात को air force global strike command ने unarmed minuteman iii icbm लॉन्च किया. इसको california के vandenberg space force base से टेस्ट करने के लिए लॉन्च किया गया.
united states space force के बयान के मुताबिक, इस मिसाइल में दो टेस्ट री-एंट्री व्हीकल्स लगाए गए थे, जिन्हें ट्रायल के लिए इस्तेमाल किया गया. ये मिसाइल ऐसे डिज़ाइन की गई है कि न्यूक्लियर वॉरहेड्स को पूरे कॉन्टिनेंट्स पार ले जाकर हज़ारों किलोमीटर दूर टारगेट को 30 मिनट से भी कम समय में हिट कर सकती है.
कितनी पावरफुल?
minuteman iii ऐसे वॉरहेड्स ले जा सकती है जो हिरोशिमा पर गिराए गए एटम बम से लगभग 20 गुना ज़्यादा ताकतवर होते हैं.
- weight: 79,432 पाउंड (36,030 किलोग्राम)
- हाईट: 5.5 फीट (1.67 मीटर)
- रेंज: 6,000-plus miles
- स्पीड: लगभग 15,000 mph
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कैसे हुआ develop?
boeing ने 1950 के दशक में minuteman मिसाइल सिस्टम को अमेरिका के defense को और भी strong करने के लिए बनाया था. इसको ज़मीन के अंदर बने मज़बूत साइलो (underground bunker) में रखा जाता है. इस मिसाइल को आमतौर पर अंडरग्राउंड कंट्रोल सेंटर से ऑपरेट किया जाता है.
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60 साल में कई अपग्रेड
अब तक इसमें लगातार कई अपग्रेड किए गए हैं. लगातार मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के ज़रिए इस सिस्टम में कई सुधार किए गए हैं, जैसे:
- नई मिसाइल वर्जन
- ज़्यादा टारगेटिंग ऑप्शन
- बेहतर एक्यूरेसी
- ज़्यादा सर्वाइवल capability
आज का minuteman सिस्टम लगभग 60 साल की लगातार अपग्रेडिंग का रिज़ल्ट है.
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हालिया टेस्ट क्यों किया गया?
air force global strike command के मुताबिक, यह लॉन्च मिसाइल सिस्टम की तैयारी, accuracy और capacity को जांचने के लिए किया गया था. अमेरिकी सेना का कहना है कि यह रूटीन टेस्ट था और इसे कई साल पहले ही शेड्यूल किया गया था. अमेरिका के बयान के अनुसार मंगलवार के टेस्ट का ईरान से कोई सीधा लिंक नहीं है.
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