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fintech इंडस्ट्री जैसे-जैसे boost करती जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ scammers भी एक्टिव मोड में आ गए हैं. इस इंडस्ट्री के बूस्ट होने से रिस्क भी बढ़ता जा रहा है.

upi fraud

ब्रो... transaction का कोई otp आए, तो फोन पर ऐसे ही किसी random बंदे को मत बताना...ये बात आपने जरूर सुनी होगी. या खुद किसी को कभी aware किया होगा. अकसर हमें ये awareness दी जाती है कि हम किसी को otp न दें. finance ने जब से technology के साथ हाथ मिलाया है तो इसने हमारी लाइफ को जितना easy बना दिया है. वहीं, इसमें अब रिस्क भी एड हो गया है. 

जब हम finance को technology के साथ कनेक्ट कर देते हैं तो उसको fintech कहते हैं. आज के scenario में देखें तो हम अपना काफी सारा financial काम फोन से ही कर रहे होते हैं. googlepay, netbanking, investment, trading, insuarance. जहां इन सभी चीज़ों ने हमारी लाइफ में अब physcial challenge को कम किया है. पेपरवर्क के झंझट से बचाया है. वहीं, risk को हाई कर दिया है. 

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इंडिया में fintech

India का Fintech scene अभी full power mode में है. technology की मदद से traditional banking अब smart और super easy बन गई है. डिजिटल इंडिया बनाने की पहल के चलते सरकार fintech को भी फुल स्पोर्ट कर रही है. सरकार ने प्रधानमंत्री जन धन योजना, आधार e-kyc और unified payments interface (upi) जैसे moves से digital revolution को boost दिया है. upi तो सच में payment king बन चुका है. लेकिन, जहां ये एक important need बन गई है. वहीं, एक picture ऐसी भी है जहां क्राइम रेट तेज़ी से बढ़ा है. 

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Photograph: (envato)

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क्या-क्या challenges?

fintech वर्ल्ड का जैसा influence दिखाई दे रहा है. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो डिजिटल पेमेंट से धोखा खा चुके हैं. एक दिन पापा ने मुझ से अचानक कहा कि मेरे पास मैसेज आया है कि 10 हजार रुपये deduct हो गए. जबकि मैंने कोई transaction नहीं किया. इसी के बाद उन्होंने इसकी रिपोर्ट भी कराई. लेकिन, कैसे उनके पैसे अचानक गायब हो गए this is still a question. जैसे-जैसे online transaction हमारी डेली लाइफ का रूटीन बन गए हैं. वहीं, scammers का गेम भी हाई हो गया है. कई तरह के क्राइम बढ़ते जा रहे हैं. otp जानकर transaction करना, डिजिटल स्कैम, साइबर फ्रॉड, लिंक क्लिक करते ही पैसे गायब. 

taliban woman (4)
Photograph: (envato)

  • data security- जब आप सारा दिन ऑनलाइन transaction करते हैं तो apps पर ये रजिस्टर होता रहता है कि आपने कहां कितना खर्च किया है. आपका डेटा इकट्ठा होता रहता है. जो ultimately data security के लिए रिस्क है. इससे privacy लीक का risk बढ़ जाता है.
  • upi- unified payments interface ने इंडिया में digital payments को totally transform कर दिया है. लेकिन, इसमें कई रिस्क भी हैं. इसमें सबसे बड़ा concern है security. जैसे-जैसे upi transactions बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे fraud और hacking का रिस्क भी बढ़ रहा है.
  • साल 2024 में national cyber crime reporting portal पर 36.37 लाख फ्रॉड केस दर्ज हुए हैं. digital payments बढ़े, तो scammers भी active mode में आ गए. वहीं, reserve bank of india की एक रिपोर्ट के मुताबिक digital fraud cases में काफी jump आया है. साल 2022–23 में reported financial loss करीब ₹276 करोड़ तक पहुंच गया.
  • rbi के डेटा के मुताबिक, fy2020 से fy2024 के बीच 5 लाख 82 हज़ार cyber fraud cases में कुल ₹3,207 करोड़ का नुकसान हुआ.
  • डिजिटल लोन का फ्रॉड- reserve bank of india की working group on digital lending के अनुसार, इंडिया के Android users के लिए 80+ app stores पर करीब 1100 lending apps मौजूद हैं. इनमें से लगभग 600 illegal पाई गई हैं.
  • इन illegal apps ने- बहुत high interest rates चार्ज किए, unethical और harsh recovery methods अपनाए और पूरी तरह transparent तरीके से काम नहीं किया
  • Regulatory uncertainty: साथ ही इंडिया में fintech के लिए legal framework अभी भी पूरी तरह clear नहीं है. कई बार यह साफ नहीं होता कि इन कंपनियों पर कौन-कौन से कानून लागू होते हैं. इस confusion की वजह से businesses में uncertainty रहती है, compliance cost बढ़ती है और innovation की speed भी slow हो सकती है.
  • trust issues- trust issues सिर्फ relationship में नहीं होते हैं बल्कि fintech इंडस्ट्री में भी लोगों को हो रहे हैं. आज भी कई लोग traditional banks पर ज़्यादा भरोसा करते हैं. खासकर बड़े transactions के लिए fintech apps इस्तेमाल करने में hesitate करते हैं.
  • साथ ही डिजिटल लोन लेने में भी लोग हिचकिचाते हैं और उन्हें आज भी डिजिटल लेवल पर transparency कम होने पर डर लगता है.
  • financial literacy gap - हर कोई digital finance को पूरी तरह समझता नहीं है. खासकर rural areas में. इसी के चलते उन्हें और डर लगता है. साथ ही aged लोग भी इस दुनिया को नहीं समझ पाते हैं. 

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शाइना परवीन अंसारी उत्तराखंड के अल्मोड़ा से हैं. लेकिन बचपन से दिल्ली में ही रहीं. pg तक की पढ़ाई दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई. शाइना को journalism में काम करते हुए 3 साल हो चुके हैं. जामिया से ही मास मीडिया करने के दौरान ही इंटरनशिप और यूट्यूब चैनल में काम किया. जहां एंकरिंग , रिपोर्टिंग, वॉइस ओवर सीखा. उसके बाद पीजी डिप्लोमा इन हिंदी जर्नलिज्म के दौरान कुछ समय भारत 24 के संग गुजारा. जिसके बाद the quint डिजिटल मीडिया के संग काम करने का मौका मिला. फिर न्यूज़ 18 के साथ जुड़ गई. जिसके बाद टीवी9 के साथ बतौर सब एडिटर काम किया. फिलहाल, zingabaad के साथ vibe match हो गई है.