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क्या प्याज़ सच में आपके जज़्बातों से खेल रहा है या ये महज़ एक chemical warfare है? मम्मी की फूंक से लेकर tearless onions तक, जानिए उस दिमागी स्कैम का सच जो आपकी आंखों में गंगा-जमना बहाने की ताकत रखता है.

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क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो किचन में प्याज काटते वक्त ऐसे सिसक-सिसक कर रोते हैं जैसे किसी किसी सैंड रॉम-कॉम का क्लाइमेक्स चल रहा हो? ब्रो, ये कोई इमोशनल ब्रेकडाउन नहीं है, बल्कि आपके और प्याज़ के बीच चल रही एक physical war है.

चाहे हम खुद को कितना भी सख्त लौंडा या कूल गर्ल समझें, एक छोटा सा प्याज हमारी आंखों में ganga-jamuna बहाने की ताकत रखता है. हमने सालों से इसके लिए अजीबोगरीब लाइफ हैक्स आज़माए हैं.

मुंह में माचिस की तीली दबाना (bro dont' do that, it's weird), च्युइंग गम चबाना, या फिर वो बड़े-बड़े सनग्लासेस पहनकर शेफ बनना. पर सच तो ये है कि ये सब placebo effect हैं.

कभी सोचा है कि जब मम्मी बचपन में चोट पर सिर्फ फूंक मार देती थीं, तो दर्द जादू की तरह गायब कैसे हो जाता था? और हां-हां, आज के ज़माने में जब आपकी gf कह देती है, 'मेले बाबू को चोट लगी? उमम्म्म्म', तो ऐसा लगता है न जैसे सारा दर्द डिस्काउंट कूपन की तरह एक्सपायर हो गया! इसी दिमागी स्कैम को साइंस placebo effect कहती है!

easily कहें तो आपके दिमाग का fake it till you make it वाला मोड!

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visual representation Photograph: (ai generated)

असली खेल तो आपकी आंखों और प्याज़ के सेल्स के बीच चल रहे एक chemical warfare का है. प्याज़ कोई सिम्पल सब्जी नहीं है, ये एक layered legend है. इसके हर सेल के अंदर एक पूरा डिफेंस मैकेनिज्म छिपा होता है, जो इसे कीड़ों और जानवरों से बचाने के लिए बना है. लेकिन हम इंसान ठहरे ज़िद्दी, हमें तो हर चीज का स्वाद चाहिए, भले ही उसके लिए हमें बाल्टी भर आंसू बहाने पड़ें. 

ये आंसू कोई इमोशनल ड्रामा नहीं, बल्कि एक biological reflex है. जब आप प्याज़ की परतें उतारते हैं, तो वो असल में revenge arc मोड में होता है. जैसे ही चाकू सेल वॉल्स को तोड़ता है, एक ऐसी चेन रिएक्शन शुरू होती है जिसे रोकना आपके बस में नहीं है. आइए इस pungent रिश्ते की गहराई में उतरते हैं और देखते हैं कि प्याज़ हमें ghost क्यों कर देता है!

वो फैक्टर जो आपकी आंखों को trigger करता है

ब्रो, साइंस की lingo में कहें तो प्याज़ allium फैमिली का पार्ट है.

इसके हर सेल के अंदर lachrymatory factor नाम का एक विलेन छिपा होता है.

केमिस्ट इसे propanthial s-oxide कहते हैं. जैसे ही आप चाकू से सेल को डैमेज करते हैं, प्याज़ के अंदर मौजूद एंज़ाइम्स (alliinase) अपना काम शुरू कर देते हैं. 

ये एंज़ाइम्स isoalliin को तोड़कर छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट देते हैं, जो बाद में lf में बदल जाते हैं. सबसे टॉक्सिक बात ये है कि lf एक volatile कंपाउंड है. इसका मतलब है कि ये हवा में बहुत तेज़ी से फैलता है और सीधे आपकी आंखों के nerve endings पर हमला करता है.

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visual representation Photograph: (ai generated)

जब ये lf आपकी आंखों की सतह पर मौजूद नमी (water) से मिलता है, तो ये हल्का sulfuric acid बना देता है. घबराओ मत, ये आपको जलाएगा नहीं, बस इतना sting करेगा कि आपकी आंखें panic mode में चली जाएंगी.

आपकी आंखों में polymodal nociceptors नाम के बहुत ही sensitive पेन रिसीवर्स होते हैं. ये रिसीवर्स trigeminal nerve से जुड़े होते हैं, जो सीधे आपके दिमाग के lizard brain (pons) को सिग्नल भेजती है.

दिमाग को लगता है कि कोई बाहरी दुश्मन हमला कर रहा है और वो तुरंत reflex action के तौर पर आपकी lacrimal glands को आंसू निकालने का ऑर्डर दे देता है.

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तो अगली बार जब आप रोएं, तो याद रखें, ये आपकी मर्जी नहीं, बल्कि आपके दिमाग का emergency protocol है. और हां, पुराने प्याज़ आपको कम नहीं रुलाएंगे, क्योंकि lf की मात्रा उम्र के साथ कम नहीं होती.

जब 'fake it till you make it' सच हो जाता है

अब बात करते हैं उस च्युइंग गम या माचिस की तीली वाले हैक्स की. क्या वे सच में काम करते हैं? scientific तरह से, बिल्कुल नहीं! लेकिन फिर भी कई लोग कसम खाते हैं कि उन्हें आराम मिलता है.

इसे कहते हैं placebo effect. ये आपके दिमाग का एक magic है. जब आपको लगता है कि आपने कोई इलाज कर लिया है, तो आपका दिमाग relax बटन दबा देता है.

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सिंपल शब्दों में, प्लासिबो एक sugar pill की तरह है. आपका विश्वास आपके शरीर में endorphins (नेचुरल फील-गुड केमिकल्स) रिलीज़ करता है, जो जलन के अहसास को थोड़ा कम कर देते हैं. यानी प्याज़ तो अभी भी वही सल्फ्यूरिक एसिड छोड़ रहा है, लेकिन आपके दिमाग ने vibe check करके आपको शांत कर दिया है. ये एक mind over matter वाली situation है, जहां आपकी सोच आपके दर्द के perception को बदल देती है.

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protips: प्याज़ के toxic behaviour को handle करने के cool ways

अगर आप प्लासिबो के भरोसे नहीं रहना चाहते, तो यहां कुछ काम करने वाले तरीके हैं(no cap):

  • the chilling effect: प्याज़ को काटने से पहले 15 मिनट फ्रीजर में रख दें. ठंड 'lf' के मॉलिक्यूल्स की एनर्जी कम कर देती है, जिससे वो हवा में कम उड़ते हैं.
  • sharp knife, no drama: एक sharp चाकू सेल्स को smash करता है, जिससे ज़्यादा गैस निकलती है. razor sharp चाकू से साफ़ कट लगते हैं. नो एक्स्ट्रा ड्रामा!
  • the future is here: साइंटिस्ट्स ने अब 'tearless onions' डेवलप किए हैं, जिनमें वो रुलाने वाला एंज़ाइम ही नहीं होता. 

तो अगली बार जब कोई आपसे पूछे कि 'क्यों रो रहे हो?', तो उन्हें ये आर्टिकल दिखा देना. आखिर हर main character की लाइफ में थोड़ा बहुत drama तो होना ही चाहिए, है ना?

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shivani doesn’t seek a title to fill a room. she is a quiet observer trying to understand the world. She wishes to be like rain falling on the sea, a quiet addition to a vast mystery. believing the best stories live between facts and feelings rather than in headlines, she writes about the invisible ways the world softens or breaks us. she isn't an expert at a finish line, but a traveler on the road, writing with a heart wide open to questions even when answers are few.