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इमेजिन आपकी बाइक या कार का चालान कटा और आपको खबर तक नहीं! बिना मैसेज के ये छोटा सा फाइन सीधे कोर्ट का लफड़ा बन सकता है. क्या आप भी अपनी गाड़ी ब्लैकलिस्ट होने का रिस्क ले रहे हैं? घर बैठे इस प्रो हैक से अपना नंबर अपडेट करें और भारी जुर्माने से बचें.

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traffic challan: कई बार आपके साथ भी ये स्कैम हुआ होगा कि गाड़ी का चालान कट गया लेकिन फोन पर कोई मैसेज नहीं आया. आपको पता ही नहीं चलता और चालान पेंडिंग होने की वजह से मामला सीधे कोर्ट पहुंच जाता है. इससे भारी दिक्कत होती है. एक तो आप फालतू के लीगल पचड़ों में फंस जाते हैं, दूसरा जब गाड़ी बेचने निकलेंगे, तो वो बिकेगी ही नहीं.

अब सीन ये है कि जब मैसेज ही नहीं आया तो क्या करें? सिंपल है, अपनी rc में अपना मोबाइल नंबर अपडेट करें. इसमें आपका ही फायदा है. मान लो कोई गलत चालान कटा है, तो आपके पास तुरंत अपडेट आएगा और आप उस पर ऑब्जेक्शन कर सकेंगे. वरना बिना जानकारी के तो आपकी वाट लग सकती है .

क्या हैं स्टेप्स?

rc में नंबर अपडेट करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी है, ये काम घर बैठे ऑनलाइन हो जाएगा. चलिए स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं:

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सबसे पहले ब्राउज़र में https://vahan.parivahan.gov.in/ वाली साइट पर जाएं. पेज खुलते ही एक इंटरफेस दिखेगा जहां कुछ डिटेल्स भरनी हैं. सबसे पहले अपनी गाड़ी का नंबर डालें. 

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दूसरे बॉक्स में गाड़ी का पूरा चेसिस नंबर भरें (ये rc में मिल जाएगा). फिर इंजन नंबर डालें. चौथे बॉक्स में गाड़ी की रजिस्ट्रेशन डेट भरें, no mistakes here! पांचवें बॉक्स में रजिस्ट्रेशन की वैलिडिटी भरें. इसके बाद कैप्चा कोड डालकर वैलिडेट पर क्लिक करें. इसके बाद एक नया पेज खुलेगा जहां गाड़ी की डिटेल्स होंगी और नीचे मोबाइल नंबर अपडेट करने का ऑप्शन मिल जाएगा.     

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घर बैठे काम खत्म! 

इस फैसिलिटी का फायदा आप घर बैठे उठा सकते हैं. कभी-कभी सर्वर की वजह से थोड़ा ग्लिच आ सकता है, पर एक-दो बार ट्राई करने पर प्रोसेस कम्प्लीट हो जाएगा. अपना नंबर rc में ज़रूर अपडेट रखें क्योंकि इसमें आपका ही फायदा है. स्टे सॉर्टेड.

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14 saal se journalism ke battlefield me active, ashesh gaurav dubey sirf khabrein nahi likhte,woh unhe decode karte hain. digital ho ya tv, studio ki roshni se lekar crime scene ki khamoshi tak, inka focus seedha wahaan hota hai jahan story sirf headline nahi, system ka x-ray hoti hai. Ye un sawaalon ko uthate hain jinke jawab aksar file ke neeche daba diye jaate hain. gen-z vibe ke saath old-school reporting ka combo, jahan narrative tight hota hai aur angle hatke.