आज के वक्त में जहां सब कुछ एक क्लिक पर है, वहां स्कैमर्स भी सुपरफास्ट मोड में हैं. सोचिए, आप मजे से अपनी लाइफ़ एन्जॉय कर रहे हैं और अचानक पता चले कि आपके नाम पर किसी ने मोटा लोन ले रखा है जिसकी आपको भनक तक नहीं!
ये कोई horror फिल्म नहीं, बल्कि पैन कार्ड फ्रॉड की unwanted reality है. आपका पैन कार्ड सिर्फ एक प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं, बल्कि आपकी फाइनेंशियल चाबी है. अगर ये गलत हाथों में लग गई, तो आपका सिबिल स्कोर (cibil) पाताल में जा सकता है और future के सारे प्लान्स का 'मोये मोये' हो सकता है.
इसलिए, प्रो-एक्टिव बनना और अपने डिजिटल फुटप्रिंट्स पर नजर रखना अब चॉइस नहीं, बल्कि ज़रूरत है.
अपना सिबिल स्कोर चेक करो, इससे पहले कि 'सीन' हो जाए!
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ज्यादातर लोगों को झटका तब लगता है जब वे खुद लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं और बैंक उन्हें रिजेक्ट का ठप्पा लगा देता है. वजह?
आपके पैन कार्ड पर चल रहा कोई फर्जी लोन. इस सिचुएशन से बचने का सबसे कूल तरीका है अपनी क्रेडिट रिपोर्ट के साथ अपडेटेड रहना.
भारत में transunion cibil, experian और equifax जैसे ब्यूरो आपको साल में कम से कम एक बार फ्री रिपोर्ट देते हैं.
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रिपोर्ट डाउनलोड करने के बाद सीधे loan details या account information वाले सेक्शन में जाएं. वहां अगर कोई ऐसा बैंक या लोन अमाउंट दिखे जिससे आपका कोई वास्ता नहीं है, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है (या दाल ही काली है).
इसके अलावा, अगर आपकी रिपोर्ट में ऐसी 'क्रेडिट इंक्वायरीज' दिख रही हैं जो आपने कभी की ही नहीं, तो ये एक बड़ा रेड फ्लैग है.
स्कैमर्स अक्सर आपके पैन का इस्तेमाल करके कई जगह लोन ट्राई करते हैं, जिसकी एंट्री आपकी रिपोर्ट में दर्ज होती रहती है.
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स्मार्ट एप्स का इस्तेमाल और 'एक्शन' मोड
अगर आप एक टिपिकल gen z हैं, तो आपके फोन में cred, paytm या google pay जैसे एप्स तो होंगे ही. ये एप्स सिर्फ पेमेंट के लिए नहीं, बल्कि आपके फाइनेंशियल बॉडीगार्ड भी बन सकते हैं.
इन एप्स में क्रेडिट स्कोर चेक करने का फीचर होता है, जो आपके पैन से जुड़े एक्टिव लोंस की पूरी कुंडली दिखा देता है.
इनके नोटिफिकेशंस ऑन रखें ताकि कोई भी नई लोन एंट्री होते ही आपको तुरंत अलर्ट मिल जाए. साथ ही, महीने के आखिर में अपने बैंक स्टेटमेंट को घोस्ट करने के बजाय एक बार स्कैन जरूर करें.
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अगर आपको कुछ भी sus लगता है, तो पैनिक करने के बजाय तुरंत एक्शन लें. सबसे पहले उस बैंक या लेंडर को रिपोर्ट करें जिसने लोन इश्यू किया है.
इसके बाद क्रेडिट ब्यूरो में 'डिस्प्यूट' रेज़ करें ताकि वे आपकी रिपोर्ट से उस फर्जी एंट्री को हटा सकें. और हां, सबसे जरूरी बात
साइबर फ्रॉड होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं. याद रखिए, आपकी फ़ाइनेंशियल सेफ़्टी आपके अपने हाथों में है, तो थोड़े सतर्क रहें और स्कैमर्स को 'लेफ़्ट स्वाइप' करें!
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