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जर्मनी में asus-acer की मुश्किल बढ़ गई है. nokia इन brands को लेकर कोर्ट गया था. नोकिया का दावा है कि asus और acer ने एक technology बिना proper license लिए यूज की है. अब फैसला नोकिया के favor में आया है. जिससे इनकी sales पर रोक लग गई है.

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लैपटॉप की मार्केट में acer और asus के लिए जर्मनी में चीज़ें काफ़ी challenging बन गई हैं. munich regional court ने 22 जनवरी को फैसला सुनाया. कोर्ट ने फिलहाल germany में asus और acer के लैपटॉप और डेस्कटॉप की सेल पर बैन लगा दिया है. ये बैन क्यों लगाया गया इसकी inside story काफी interesting है. 

इन pc पर रोक लगाने का कनेक्शन सीधे nokia के साथ जुड़ा है. nokia, samsung, sony और qualcomm ने मिलकर वीडियो streaming के लिए एक technology बनाई थी. जिसका नाम है hevc टेक्नोलॉजी hevc (high efficiency video coding), जिसे h.265 भी कहा जाता है.

ये technology वीडियो की फ़ाइल साइज़ कम करती है. बेहतर क्वालिटी देती है (जैसे 4k, 8k वीडियो) स्ट्रीमिंग में कम डेटा इस्तेमाल होता है.

अब issue ये है कि नोकिया का कहना है कि ये technology उसकी थी. लेकिन, asus और acer ने इस टेक्नोलॉजी को बिना नोकिया से लाइसेंस लिए यूज़ किया. यहां asus और acer को patent के चलते अब मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. 

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nokia ने क्या दावा किया

nokia को जैसे ही पता लगा कि acer और asus बिना परमिशन के लाइसेंस लिए इस technology का इस्तेमाल कर रहा है. वो कोर्ट में चला गया. नोकिया का कहना है कि इन brands ने hevc (H.265) वीडियो कोडिंग से जुड़े patents का यूज़ किया, लेकिन सही लाइसेंस नहीं लिया गया.

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मार्केट से गायब हो जाएंगे products?

अब सवाल उठता है कि क्या मार्केट से asus और acer के products गायब हो जाएंगे. तो इसका जवाब है नहीं. कोर्ट का ये फैसला manufacturers के लिए है. इसका ये मतलब नहीं है कि रिटेलर्स पर भी इसका असर पड़ेगा. जो product अभी मार्केट में हैं वो खरीदे जा सकते हैं.  

but अभी ऑनलाइन बिक्री रुकी हुई है. लेकिन, रिटेल स्टोर्स में पहले से मौजूद स्टॉक बिक सकता है. अब आगे acer और asus इस मामले को लेकर कोर्ट में अपील कर सकते हैं. 

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शाइना परवीन अंसारी उत्तराखंड के अल्मोड़ा से हैं. लेकिन बचपन से दिल्ली में ही रहीं. pg तक की पढ़ाई दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई. शाइना को journalism में काम करते हुए 3 साल हो चुके हैं. जामिया से ही मास मीडिया करने के दौरान ही इंटरनशिप और यूट्यूब चैनल में काम किया. जहां एंकरिंग , रिपोर्टिंग, वॉइस ओवर सीखा. उसके बाद पीजी डिप्लोमा इन हिंदी जर्नलिज्म के दौरान कुछ समय भारत 24 के संग गुजारा. जिसके बाद the quint डिजिटल मीडिया के संग काम करने का मौका मिला. फिर न्यूज़ 18 के साथ जुड़ गई. जिसके बाद टीवी9 के साथ बतौर सब एडिटर काम किया. फिलहाल, zingabaad के साथ vibe match हो गई है.