यार एक्शन पैक फिल्मों के लिए आप भी क्रेजी हैं? जहां हीरो सभी को बचाने के लिए कभी ऊंचाई से कूदता है, दुश्मनों से फाइट करता है और हजारों लोगों से अकेले जीत जाता है. लेकिन, फिल्म बनाने की अपनी एक स्टोरी होती है. कुछ नाइटमेयर भी होते हैं. जहां इन एक्शनपैक सीन को शूट करने में बड़ा एक्सीडेंट भी हो जाता है.
ऐसा ही एक एक्सीडेंट 1982 की फिल्म ‘twilight zone: the movie’ की शूटिंग में भी हुआ. स्टीवन स्पीलबर्ग इस साइंस फ़िक्शन फ़िल्म के प्रोड्यूसर थे.
‘twilight zone: the movie’ एक एंथोलॉजी फ़िल्म होने वाली थी, जिसमें 4 डिफ़रेंट साई-फ़ाई स्टोरीज होतीं. इंटरेस्टिंग चीज़ ये भी है कि इन्हें 4 डिफ़रेंट डायरेक्ट करने वाले थे, जिनमें से दो तो स्पीलबर्ग और जॉन लैंडिस ही थे.
बाक़ी दो डायरेक्टर थे, जो दांते और जॉर्ज मिलर. फिल्म के पहले सेगमेंट की शूटिंग के टाइम 23 जुलाई 1982 को Brutal mishap हुआ. ‘टाइम आउट' का सेगमेंट शूट हो रहा था.
इसमें लीड एक्टर बिल कॉनर का रोल एक्टर विक मॉरो प्ले कर रहे थे. सीन था कि बिल कॉनर टाइम ट्रैवल करके विएतनाम वॉर के एरा में पहुंचता है. जहां उसे दो बच्चों को अमेरिकन सेना से प्रोटेक्ट करना है. जिन दो किड्स को कॉनर बचना रहे थे उनमें 6 साल की रेनी शिन-यी चेन और 7 साल के माइका दिन्ह ले थे.
कैलिफ़ोर्निया में सीन शूट हो रहा था. वहां सैंटा क्लैरिटा शहर के वैलेंसिया इलाक़े में इंडियन ड्यून्स नाम का एक मूवी रैंच हुआ करता था. 600 एकड़ में फैले इस मूवी रैंच में ही एक्शन सीन शूट हो रहा था.
क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर
सीन एकदम एक्शनपैक और स्पाइसेस से भरा हुआ था. जहां हीरो किड्स को बचाता हुआ भाग रहा है. हीरो के पीछे अमेरिकन सोल्जर्स पड़े हैं. उनके सिर के ऊपर अमरीकी सैनिकों का हेलिकॉप्टर मंडरा रहा है.
उन्हें एक रिवर क्रॉस करके दूसरी तरफ जाना है. इसी सीन के टाइम एक नाइटमेयर सामने आया. एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. हेलीकॉप्टर को पायलट डॉर्सी विंगो उड़ा रहे थे. शूटिंग के वक्त हेलिकॉप्टर जमीन से सिर्फ 25 फुट ऊंचाई पर था.
वहीं पास में एक एयर मोर्टार भी लगा हुआ था. एयर मोर्टार को vfx का एक रियल-वर्ल्ड हैक कहा जा सकता है. एक ऐसा डिवाइस होता है, जिसे शूटिंग के टाइम स्पेशल इफेक्ट्स के लिए यूज़ किया जाता है.
इसमें एक ट्यूब के ज़रिए हवा या गैस का प्रेशर क्रिएट करके धूल-मिट्टी का ब्लास्ट टाइप इफेक्ट क्रिएट करता है. साथ ही Glass shards की बारिश हो या फिर blood-splash effect हो यह सब कर देता है. जिससे scene instantly cinematic हो जाता है.”
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nightmare it was
हेलिकॉप्टर जहां उड़ रहा था, उसके जस्ट नीचे एयर मोर्टार था. पायलट ने नेक्सट कैमरा शॉट के लिए हेलिकॉप्टर को 180 डिग्री लेफ़्ट टर्न किया. हेलिकॉप्टर की टेल-रोटर मोर्टार के जस्ट ऊपर आ गई. जब स्पेशल इफ़ेक्ट के लिए मोर्टार से ब्लास्ट किया गया, तो मोर्टार के ऊपर लगे मेटल के ढक्कन ने टेल-रोटर को ज़बरदस्त टक्कर मारी, जिससे रोटर टेल से अलग हो गया.
हेलिकॉप्टर आउट ऑफ कंट्रोल हो गया. at this point of time नीचे नदी में एक्टर विक मॉरो दो किड्स के साथ अपना शॉट दे रहे थे. मॉरो ने सीन के अकॉर्डिंग रेनी को पानी में गिरा दिया था और माइका को होल्ड किए वो वो रेनी को पकड़ने के लिए आगे बढ़ रहे थे. कंट्रोल से बाहर हुआ हेलिकॉप्टर उनके और दोनों बच्चों के ऊपर क्रैश हो गया. हेलीकॉप्टर क्रैश का इम्पैक्ट इतना सीवियर था कि तीनों की ऑन द स्पॉट डेथ हो गई.
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हादसे के बाद क्या-क्या हुआ?
इस एक्सीडेंट के बाद वो सब हुआ जिस पर before accident अटेंशन दिया जाना चाहिए था. एक्सीडेंट के बाद कमिटी बैठी, जांच हुई, रिपोर्ट आई और पाया गया कि शूटिंग के टाइम कई नियमों की फॉलो नहीं किया गया था.
कई चीज़ें बिना परमिशन के की जा रही थीं. दोनों किड्स की कास्टिंग में चाइल्ड लेबर लॉ का वायलेशन हुआ था. क़ानून के मुताबिक़ किड्स के साथ नाइट में शूटिंग करने की परमिशन नहीं थी.
साथ ही, ब्लास्ट वाले सीन अगर किड्स के साथ शूट करना हो, तो उसके लिए प्रॉपर परमिशन लेनी होती है. बट बिना सेफ़्टी मेजर्स चेक किए डायरेक्टर-प्रोड्यूसर जॉन लैंडिस ने इस पूरे प्रोसेस को ही इग्नोर कर दिया. साइलेंटली से शूटिंग की कोशिश की.
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इसके बाद 5 लोगों पर केस चला. ये 5 लोग थे डायरेक्टर जॉन लैंडिस, एसोसियेट प्रोड्यूसर जॉर्ज फ़ॉल्सी, हेलिकॉप्टर पायलट डॉर्सी विंगो, प्रॉडक्शन मैनेजर डैन अलिंघम और एक्सप्लोज़िव स्पेशलिस्ट पॉल स्टीवर्ट.
ट्रायल के दौरान जॉन लैंडिस पर ये एलिगेशन भी लगे कि उन्होंने माइक पर पायलट को हेलिकॉप्टर और नीचे लाने के लिए पुश किया था. 9 महीने तक ट्रायल चला and the strange thing was कि सभी को बेगुनाह करार दिया गया.
इस extremely tragic scene का एक पॉजिटिव रिजल्ट ये निकला कि बिग प्रॉडक्शन हाउस ने अपने यहां के सेफ़्टी standards बढ़ाने पर ध्यान देने लगे. नए रूल्स बने और पहले से बने रूल्स को और भी स्ट्रिक्ट किया गया. बट इंटरेस्टिंग बात ये रही कि ये फ़िल्म कम्प्लीट तो हुई लेकिन जिस सीन को शूट करते हुए एक्सीडेंट हुआ उसे फ़िल्म से निकाल दिया गया.
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