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हम आपको कुछ ऐसी हॉलीवुड फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सीक्वल होकर ऑरिजनल फिल्म को मात दे गईं. मोस्टली ऐसा होता है कि लोग original को ही याद रखते हैं, लेकिन कुछ फिल्मों के sequels सिर्फ उनका अगला पार्ट नहीं होते. बल्कि, वो level up कर जाते हैं.

movie sequels

ज़्यादातर टाइम movie sequels पहली फ़िल्म वाला swag और feel नहीं दे पाते. मोस्टली ऐसा होता है कि लोग original को ही याद रखते हैं.

कई movie sequels अपनी पहली फ़िल्म से कमज़ोर ही होते हैं. इसकी वजह ये है कि कोई भी franchise तभी बनती है, जब पहली movie लोगों को पसंद आ जाती है.

लेकिन यहीं से problem शुरू होती है. जब कोई फ़िल्म पैसा कमाती है, तो film producer उसी success को दोबारा पाना चाहते हैं.  वो उसी formula को फिर से copy कर देते हैं, लेकिन catch ये है कि जो चीज़ पहली बार exciting लगी थी, वही sequel में boring लगने लगती है.  

surprise factor खत्म हो जाता है, लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी हॉलीवुड फ़िल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके movie sequels ऐसे हैं, जो original जितने legendary तो नहीं हैं, लेकिन फिर भी appreciation deserve करते हैं.

इन फ़िल्मों ने या तो बिल्कुल नया direction लिया, या फिर इनकी स्टोरी इतनी smooth तरीके से आगे बढ़ी कि वो natural लगने लगी. कभी-कभी सीक्वल में फ़िल्म की अच्छी चीज़ों को और better बना दिया जाता है, जिन्हें पहले पूरी तरह polish नहीं किया गया था. यानी कुछ फ़िल्मों के sequels सिर्फ उनका सेकंड पार्ट नहीं होते. बल्कि, वो level up कर जाते हैं.

x2: x-men united

x 2
x 2: xmen united Photograph: (imdb)

x-men एकदम मज़ेदार blockbuster है, देखने में पूरा पैसा, लेकिन honestly उसने कोई बहुत high benchmark सेट नहीं किया था. फिर भी अगर किया भी होता तो x2: x-men united उसे easily beat कर देती. x2 में  bryan singer काफी ज्यादा confident दिखते हैं, direction tight है और script इस बार पूरी mutant team को individual level पर develop करती है, क्योंकि audience उन्हें पहले से जान चुकी थी.

हां, जैसा इन फ़िल्मों में अक्सर होता है, कुछ characters को कम screen time मिलता है. क्योंकि focus ज़्यादातर wolverine पर रहता है, लेकिन सच कहें तो wolverine पर इतना focus होना भी totally worth it था. लोगों का जो सवाल कि वो असल में है कौन और कहां से आया है, उसका जवाब फ़िल्म में बहुत solid तरीके से मिलता है. brian cox का william stryker वाला रोल इतना strong है कि वो 2000 के दशक की comic-book movies के best villains में गिना जाता है.

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मिशन: इम्पॉसिबल फॉलआउट

mission_ mpossible- fallout
Photograph: (imdb)

brian de palma की mission: impossible देखने में पूरी fun है, लेकिन franchise का tone असली level पर तब गया, जब mission: impossible- ghost protocol और mission: impossible- rogue nation आईं. इन फ़िल्मों ने vibe को ज़्यादा cool, sharp और intense बना दिया. फिर entry होती है mission: impossible fallout की, जिसने वही upgraded tone लिया और उसे franchise की अब तक की सबसे fast-paced और gripping story के साथ मिला दिया.

मतलब एक बार start हुई तो सांस लेने का भी टाइम नहीं. fallout में villain game भी next level है. henry cavill का john lark वाला रोल totally unexpected है और genuinely scary भी, जिसे शायद इस सीरीज़ का सबसे बेहतरीन विलेन माना जा सकता है.

साथ ही christopher mcquarrie के डायरेक्शन में ये फ़िल्म बनी है, जो rogue nation के बाद और ज़्यादा confident लगती है, एक्शन सीक्वेंस इतने ज़बरदस्त हैं कि आप खुद को उस माहौल का पार्ट फील करते हैं. fallout अब तक की best action movies में से एक है और mission की सबसे अच्छी फ़िल्म है. 

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स्पाइडर मैन 2

spider-man 2
Photograph: (imdb)

spider-Man 2 सिर्फ sam Raimi की trilogy की best फ़िल्म ही नहीं है, बल्कि पूरी superhero cinema की top movies में से एक है. इसमें trilogy के सबसे solid action scenes देखने को मिलते हैं, खासकर वो train वाला scene, जो पूरा goosebumps material है, लेकिन असली power action में नहीं emotional depth में है.

देखो एक्शन सीक्वेंस अगर क्रिएटिव हो तो superhero movies में big set pieces बहुत दूर तक ले जा सकते हैं, लेकिन spider-man 2 इसलिए अलग level पर है. क्योंकि इसमें हमें peter parker को सच में समझने का मौका मिलता है.

जब एक तरफ hero की responsibility, दूसरी तरफ अपनी normal life जीने की चाह के बीच वो फंस जाता है यानी पूरा emotional tug-of-war. इसके साथ ही villain doctor octopus का character भी उतना ही strong है. 

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द गॉडफादर 2

the godfather part 2
Photograph: (imdb)

the godfather को लोग perfect cinema मानते हैं और honestly, वो सच में perfect भी है. जब कुछ perfect हो तो उसे और बेहतर बनाना impossible होता है, लेकिन फिर भी the godfather part 2 ने वो impossible काम कर दिखाया.

फ़िल्म में वही top-class direction और perfect performances देखने को मिलती हैं, लेकिन scale इस बार और बड़ा हो जाता है. एक तरफ हमें vito corleone का rise देखने को मिलता है और दूसरी तरफ उसके बेटे michael corleone के downfall की शुरुआत. दोनों story अलग-अलग time period की हैं, फिर भी इतनी smoothly कनेक्ट हुई हैं कि सब natural लगता है.

द डॉर्क नाइट 

the dark knight
Photograph: (imdb)

दुनिया में crime epics की कोई कमी नहीं है. heat, the godfather, scarface सब top-tier हैं. इसी league में superhero genre की तरफ से भी एक अहम contribution 'the dark Knight' का है, जो christopher nolan का pop-culture monster बन चुका है.

the dark knight में nolan ने gotham शहर को ऐसा दिखाया है, जैसे शहर बस blast होने ही वाला हो, मानो किसी की उंगली button पर अटकी हुई हो. ढाई घंटे से ज़्यादा की movie ज़बरदस्त स्क्रिप्टिंग और शानदार cinematography की वजह से smoothly आगे बढ़ती है, लेकिन सच कहें तो इसे iconic बनाने की सबसे बड़ी वजह heath ledger हैं. उनका presence ऐसा है कि movie देखने के बाद भी दिमाग से निकलता नहीं. 

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सहरीन ने 10+2 तक आर्ट्स साइड से पढ़ाई की. शुरुआत से ख़बरें देखना और पढ़ना पसंद था. वक्त के साथ यह पसंद और बढ़ी तो ग्रेजुएशन भी इसी फील्ड में (बैचलर्स जर्नलिजम एंड मास कम्युनिकेशन) किया. मीडिया को और अच्छे से जानने और समझने और खुद को इसी फील्ड के लिए तैयार करने के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया से PG Diplom in TV Journalism किया. इसी दौरान एबीपी न्यूज़ में मौका मिला तो वहां काम शुरू किया. इसी सफर को जारी रखते हुए TV9 भारतवर्ष में 2 साल बतौर sub-editor 2 साल हिंदी वेबसाइट पर काम किया. zingabad में सहरीन अपने मन की लिखने-पढ़ने और एक्सप्लोर करने के सपने को पूरा कर रही हैं.